
महाशिवरात्रि और आज का समाज
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, संयम और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है, व्रत रखा जाता है और पूरी रात जागरण किया जाता है। शिव को ‘संहारक’ कहा जाता है, परंतु उनका संहार बुराइयों, अहंकार और अज्ञान का होता है। आज के समाज में महाशिवरात्रि का महत्व और भी बढ़ जाता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव, प्रतिस्पर्धा और स्वार्थ ने मनुष्य को भीतर से अशांत कर दिया है। ऐसे समय में शिव का ‘ध्यानमग्न’ स्वरूप हमें शांति, धैर्य और संतुलन का संदेश







