पिता ने रिक्शा चलाकर अपनी बेटियों को शिक्षित किया और उनकी तैयारी में पूरी मदद की. ग्रामीणों का कहना है कि इन बेटियों ने कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगी.
गांव की बेटियों की सफलता पर ग्रामीणों में हर्ष

- सादलवा गांव की बेटियों की इस सफलता पर पूरे गांव और समाज में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों का मानना है कि यह साबित हो गया है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. इस छोटे से गांव का यह उदाहरण उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करने को तैयार हैं.
