एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से वाहनों के ओवर स्पीड की जानकारी एनएचएआई के कंट्रोल रूम को मिलती है और वो इनपुट सीधे जयपुर कंट्रोल रूम भेजते हैं. उसके बाद संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक पुलिस विभाग को गाड़ी की जानकारी दी जाती है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लोग सावधान हो जाएं. एक्सप्रेसवे पर अब गाड़ी ओवर स्पीड करना जब पर भारी पड़ सकता है. ऐसे में गाड़ी संभाल कर चलाएं. क्योंकि थोड़ी भी गाड़ी ओवर स्पीड होने पर पांच हजार रुपए का चालान भरना होगा. एक्सप्रेसवे पर ई चालान सिस्टम शुरू हो चुका है. ऐसे में गाड़ी की ओवर स्पीड होने पर एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से गाड़ी की स्पीड नोट होगी और चालान सीधा वाहन चालक के घर पहुंचेगा.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार ओवर स्पीड के चलते हादसे हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है. एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है. राजस्थान के अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर व कोटा से एक्सप्रेसवे गुजरता है. अलवर और दौसा क्षेत्र में सबसे ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं. इन हादसों को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर ई-चालान व्यवस्था शुरू की है. एक अगस्त से एक्सप्रेसवे पर ई-चालान काटे जा रहे हैं. अभी तक अलवर पुलिस द्वारा 200 से ज्यादा ओवर स्पीड के चालान किए गए हैं.एक्सप्रेसवे को तीन पॉकेट में बांटा गयासम्बंधित ख़बरेंमुंबई: महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.झंडा ऐसा बांधा कि CM के खींचने से खुला ही नहीं…Maharashtra policeस्वतंत्रता दिवस: महाराष्ट्र पुलिस को 59 पदक, नक्सली मुठभेड़ में शहीद PSI समेत 17 को वीरता पदकMizoram police seize heroin worth Rs 1 crore, arrest oneमहिलाओं और बुजुर्गों को रिश्तेदार बताकर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तारKirit Somaiyaकिरीट सोमैया केस में मुंबई की अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज की, दोबारा जांच का दिया आदेशपुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया हैसड़क पर खड़े लड़के को तलवार से काट डाला, एक के बाद किए कई वार, बचाने पहुंचे लोगों को भी डरायाअलवर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि एक्सप्रेसवे को तीन पॉकेट में बांटा गया है. पहले पॉकेट के कैमरे का कंट्रोल रूम सोहना क्षेत्र में है. दूसरा दौसा व तीसरे पॉकेट का कंट्रोल रूम जयपुर में है. एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से वाहनों के ओवर स्पीड की जानकारी एनएचएआई के कंट्रोल रूम को मिलती है और वो इनपुट सीधे जयपुर कंट्रोल रूम भेजते हैं. उसके बाद संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक पुलिस विभाग को गाड़ी की जानकारी दी जाती है और उसके आधार पर ई-चालान काटे जाते है. एसपी ने कहा कि कम से कम 5000 रुपए का चालान होता है. ऐसे में ओवर स्पीड पर चलना जेब पर भारी पड़ सकता है.Advertisementयह भी पढ़ें: ड्राइवर को नींद आने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा, खौफनाक Video आया सामनेओवर स्पीड के चलते आए दिन होते हैं हादसेदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बाड़मेर के पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह और उसके परिवार का अलवर क्षेत्र में एक्सीडेंट हुआ था. ओवर स्पीड के चलते गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई थी. इसमें मानवेंद्र सिंह की पत्नी की मौत हो गई थी. तो इसके अलावा सवाई माधोपुर क्षेत्र में मध्य प्रदेश का एक परिवार अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ और उसमें पूरा परिवार खत्म हो गया. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा अलवर क्षेत्र में एक बड़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी व उनके मैनेजर की भी मौत हो गई थी. साथ ही एक बड़े कारोबारी की महंगी गाड़ी का एक्सीडेंट हरियाणा क्षेत्र में हुआ था. सभी हादसे ओवर स्पीड के चलते हो रहे हैं.अलवर क्षेत्र में होते हैं सबसे ज्यादा हादसेदिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर पॉकेट में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं.आईआईटी द्वारा एक्सप्रेसवे पर स्टडी की गई और कई तरह के सुधार किए गए. लगातार एक्सप्रेसवे पर मॉनिटरिंग की जाती है.इंटरसेप्टर से होते हैं चालानएसपी ने बताया कि अलवर क्षेत्र में एक इंटरसेप्टर हमेशा एक्सप्रेसवे पर तैनात रहती है और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चालान किए जाते हैं. लेकिन एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार ज्यादा रहती है. इसलिए उनको रोकना संभव नहीं हो पाता है
अलवर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि एक्सप्रेसवे को तीन पॉकेट में बांटा गया है. पहले पॉकेट के कैमरे का कंट्रोल रूम सोहना क्षेत्र में है. दूसरा दौसा व तीसरे पॉकेट का कंट्रोल रूम जयपुर में है. एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की मदद से वाहनों के ओवर स्पीड की जानकारी एनएचएआई के कंट्रोल रूम को मिलती है और वो इनपुट सीधे जयपुर कंट्रोल रूम भेजते हैं. उसके बाद संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक पुलिस विभाग को गाड़ी की जानकारी दी जाती है और उसके आधार पर ई-चालान काटे जाते है. एसपी ने कहा कि कम से कम 5000 रुपए का चालान होता है. ऐसे में ओवर स्पीड पर चलना जेब पर भारी पड़ सकता है.
ओवर स्पीड के चलते आए दिन होते हैं हादसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बाड़मेर के पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह और उसके परिवार का अलवर क्षेत्र में एक्सीडेंट हुआ था. ओवर स्पीड के चलते गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई थी. इसमें मानवेंद्र सिंह की पत्नी की मौत हो गई थी. तो इसके अलावा सवाई माधोपुर क्षेत्र में मध्य प्रदेश का एक परिवार अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ और उसमें पूरा परिवार खत्म हो गया. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा अलवर क्षेत्र में एक बड़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी व उनके मैनेजर की भी मौत हो गई थी. साथ ही एक बड़े कारोबारी की महंगी गाड़ी का एक्सीडेंट हरियाणा क्षेत्र में हुआ था. सभी हादसे ओवर स्पीड के चलते हो रहे हैं.अलवर क्षेत्र में होते हैं सबसे ज्यादा हादसेदिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर पॉकेट में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं.आईआईटी द्वारा एक्सप्रेसवे पर स्टडी की गई और कई तरह के सुधार किए गए. लगातार एक्सप्रेसवे पर मॉनिटरिंग की जाती है.इंटरसेप्टर से होते हैं चालानएसपी ने बताया कि अलवर क्षेत्र में एक इंटरसेप्टर हमेशा एक्सप्रेसवे पर तैनात रहती है और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चालान किए जाते हैं. लेकिन एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार ज्यादा रहती है. इसलिए उनको रोकना संभव नहीं हो पाता है.
