पुणे से लोकसभा चुनाव लड़ने पर अड़े पुणे के तेजतर्रार नेता वसंत मोरे ने वंचित बहुजन आघाड़ी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है. वंचित बहुजन आघाड़ी की तीसरी सूची मंगलवार को घोषित की गई और इस सूची में वसंत मोरे के नाम की घोषणा की गई है.
वसंत (तात्या) मोरे, जो पुणे में एक साहसी राजनीतिक नेता के रूप में जाने जाते हैं, उन्होंने पिछले महीने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी छोड़ने और राज ठाकरे का समर्थन छोड़ने का फैसला किया. इसके बाद उन्होंने महाविकास आघाड़ी के नेताओं से मुलाकात कर कहा कि वह पुणे लोकसभा चुनाव सीधे लड़ने के इच्छुक हैं. जिससे साफ हो गया कि वह मविआ से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं. हालांकि, मविआ ने दांव खेला और पुणे लोकसभा से कांग्रेस के रवींद्र धंगेकर की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी.
इससे असंतुष्ट वसंत मोरे ने किसी अन्य पार्टी से नामांकन पाने के प्रयास जारी रखे. पिछले कुछ दिनों से यह कहा जा रहा था कि वसंत मोरे सकल मराठा समाज से पुणे लोकसभा क्षेत्र में उतरेंगे. लेकिन इसी बीच उनकी मुलाकात वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर से भी हुई. इसलिए, यह स्पष्ट नहीं था कि वह वास्तव में किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे. खास बात यह है कि अगर वसंत मोरे को किसी से नामांकन नहीं मिला होता तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार थे. लेकिन आज आखिरकार वंचित ने लोकसभा उम्मीदवारी की माला उनके गले में डाल दी है. कई वर्षों की सेवा के बाद मनसे छोड़ने वाले वसंत मोरे आधिकारिक तौर पर वंचित बहुजन आघाड़ी में प्रवेश करेंगे
दिनेश परमार
पुणे जिला महाराष्ट्र
