किशन माली(सिरोही ब्यूरो) : भगवान भोलेनाथ का अतिप्रिय श्रावण मास आज यानी सोमवार से प्रारंभ हो गया है। यह महादेव की आराधना का विशेष मास है। सावन के पहले सोमवार भगवान शिव के दर्शनों के लिए मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी। शिवालय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहे है। कई शिवालयों में सूर्योदय होते ही भक्त लाइन लगाकर खड़े है और भगवान शिव का अभिषेक कर के दर्शन कर रहे है।
सावन के सोमवार व्रत रखना होता है शुभ –
सावन का महीना भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना है। यह महीना आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है और 19 अगस्त को समाप्त होगा। इस श्रावण मास में 5 सोमवार पड़ रहे हैं। माना जाता है कि सावन के सोमवार व्रत रखना बहुत शुभ और फलदायी होता है। अविवाहित कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी और विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं। सावन के सोमवार का व्रत करने से पारिवारिक जीवन में खुशहाली आती है और संतान सुख की भी प्राप्ति होती है। आज सावन सोमवार का पहला व्रत है।
72 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग
इस वार सावन के महीने में पूरे 72 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस बार सावन माह की शुरुआत और समापन दोनों ही सोमवार के दिन होंगे। ऐसा दुर्लभ योग 72 वर्ष पहले 27 जुलाई 1953 को बना था। साथ ही, इस बार सावन में 6 शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है। इस साल श्रावण मास में शुक्रादित्य योग, बुधादित्य योग, नवपंचम योग और गजकेसरी योग बनने वाले हैं। इनके अलावा, कुबेर योग और शश योग का भी निर्माण होगा। भक्त भगवान शिव की सच्चे दिल से पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है।
