नारलाई, भारत सिंह। नारलाई ग्राम पंचायत में रीति-रिवाजों के साथ प्रशासक शेखर मीणा के सानिध्य में होली का डांडा रोपा गया। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होली का डांडा रोपा गया, जिसके साथ ही पूरे गांव में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ गई है।
डांडा रोपण के दौरान पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर चारों ओर फाग गीतों की गूंज सुनाई दी और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान गणेश पूजन के साथ भक्त प्रहलाद के रूप में ढांडे की विधिवत पूजा की। गांव के बुजुर्गों ने धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। युवा वर्ग में भी विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। इस दौरान वैदिक मंत्र के उच्चारण के साथ पंडित विशाल दवे , प्रशासक शेखर मीणा, वार्ड पंच अमित मालवीय, रमेश चौधरी, पूनाराम चौधरी, घीसू लाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रभु दास वैष्णव, भरत व्यास, गणपत मोबारसा, रमेश मोबरसा, नथाराम मेघवाल, सकाराम मेघवाल, करुणा शंकर, आदि उपस्थित हुए।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
ग्रामीणों के अनुसार, होली का डांडा रोपना बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही होलिका दहन और रंगोत्सव की परंपरागत तैयारियां विधिवत रूप से आरंभहो जाती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो समाज में भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है।
