आबूरोड़
माधव विश्वविद्यालय में मंगलवार से ओरिएंटेशन सप्ताह का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. राजीव माथुर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत किया गया।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान, नवाचार और सह-पाठयक्रम गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम एक सप्ताह तक प्रतिदिन दो सत्रों में आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न कार्यशालाएं, इंटरैक्टिव सेशन और प्रेरणादायक व्याख्यान शामिल हैं।
इस अवसर पर डॉ. राजीव माथुर ने कहा कि माधव विश्वविद्यालय केवल डिग्री का माध्यम नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है, जहां आपके सपनों को आकार दिया जाता है। आने वाले चार साल आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निवेश हैं। जिज्ञासु बने रहें, असफलताओं से सीखें और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें। सफलता उन्हीं की होती है, जो खुद को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने छात्रों को नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने का संदेश दिया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. महेंद्र परमार ने कहा कि माधव विश्वद्यालय एक ऐसा संस्थान है , जो न केवल शिक्षा प्रदान करता है बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। समय का सदुपयोग करें, नए विचारों के प्रति खुला मन रखें और अपनी सीख को समाज की भलाई के लिए उपयोग में लाएं। अनुशासन और सकारात्मक सोच आपकी सफलता की कुंजी है। हम हर कदम पर आपके मार्गदर्शक के रूप में खड़े हैं।
कार्यक्रम मे आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की निदेशक डॉ. रुचि ठाकर ने छात्रों को विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और रचनात्मकता के महत्व पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यह वह समय है जब आप अपनी पहचान बनाते हैं। चुनौतियां आएंगी, लेकिन हर चुनौती में अवसर छिपा होता है। अपने विचार व्यक्त करने से न डरें, सक्रिय रूप से भाग लें और खुद को हर दिन बेहतर बनाने का प्रयास करें। यहां आपको न केवल ज्ञान मिलेगा, बल्कि जीवन के हर पहलू में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।
उन्होंने छात्रों को विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में सह समन्वयक डाॅ. अवधेश आढा पेशवा, प्रोक्टर डाॅ. आदेशपाल सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाॅ. देवेन्द्र मुझाल्दा, डाॅ. डी.के. उपाध्याय, डाॅ. गंगासिंह, डाॅ. अतुल मिश्रा, डाॅ. गीतमसिंह, डाॅ. जिगर सोनी, डाॅ. वैभव दवे, पृथ्वीसिंह सोलंकी, जितेन्द्र पुजारी सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगण व छात्र छात्राए उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आगामी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रेरणादायक व्याख्यान, कार्यशालाएं एवं संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को समग्र विकास का अवसर प्राप्त हो।
