अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 3 अगस्त 2025 – अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आपसी मित्रता बढ़ाने की सख़्त ज़रूरत
मित्रता एक ऐसा भावनात्मक रिश्ता है,जो रक्त संबंधों से परे दिलों की निकटता पर टिका होता है-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर आज विभिन्न देशों के बीच कटुता बढ़ती जा रही है। विभिन्न समुदायों के बीच नफ़रत का दायरा बढ़ता जा रहा है। आंदोलनों का जाल अनेकों देश में घटित समस्याओं के चलते बढ़ता जा रहा है जो हम भारत- पाकिस्तान, रूस-यूक्रेन, इसराइल -हमास कंबोडिया- थाईलैंड,अमेरिका-ईरान,चीन- ताइवान व अन्य देशों के बीच सहित अनेको देशों में देख रहे हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि इन सब समस्याओं को पाटनें का सबसे सरल सस्ता सटीक उपाय है,मित्रता! दोस्ती, अपनापन, यदि इस सटीक अस्त्र का उपयोग दुनियां के सभी देश करें तो यूक्रेन-रूस, हमास- इजरायल ईरान- इजरायल के बीच युद्ध व विभिन्न अंतरराष्ट्रीय यूनियनों के बीच कटुता कभी नहीं बढ़ेगी। विश्व के चारों ओर शांति रूपी स्नेह की बारिश होगी तो, खुशहाली को आना ही पड़ेगा। जिसपर हर देश का नागरिक खुशहाल जीवन का लुफ्त उठाएंगे। इसलिए ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 27 अप्रैल 2011 को अपने 65 वें सेशन में एजेंडा आइटम नंबर 15 कल्चर ऑफ पीस के अंतर्गत 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। जबकि भारत अमेरिका बांग्लादेश सहित अनेकों देश अंतर्राष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाते आ रहे हैं जो इस वर्ष 2025 के अगस्त का पहला रविवार 3 अगस्त 2025 आया है। वर्तमान परिपेक्ष में अगर मित्रता का वैश्विक परिपेक्ष लेकर, दुनियां के पूरे देशों और नागरिकों द्वारा वर्ष 2025 में अपनाया जाती है तो मेरा मानना है कि आपसी युद्ध की नौबत कभी नहीं आएगी। चूंकि अच्छे मित्र का साथ हो तो बड़ी से बड़ी चुनौतियों सेआसानी से निपटा जा सकता है। इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,राजनीति और मित्रता – आदर्श या अवसरवाद?-अच्छे मित्र का साथ हो तो,बढ़ी से बढ़ी चुनौतियों से आसानी से निपटा जा सकता है।
साथियों बात अगर हम मित्र के महत्व को समझने की करें तो, कोई व्यक्ति जन्म के बाद ख़ुद से अपने बल पर जो पहला रिश्ता बनाता है, उसे दोस्ती कहते हैं। परिवार से बाहर एक दोस्त ही हमारा मार्गदर्शक,सलाहकार, राजदार और शुभचिंतक होता है। इसी दोस्ती के नाम एक खास दिन समर्पित किया गया है,जिसे फ्रेंडशिप डे के तौर पर मनाया जाता है। हालांकि दुनियां भर में साल में दो बार दोस्ती दिवस मनाते हैं। ऐसे में कई लोग असमंजस में हैं कि असली मित्रता दिवस किस दिन मनाएं। आमतौर पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अंतर्राष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जाता है, जबकि भारत में हर साल अगस्त माह के पहले रविवार को मनाया जाता है, इस दिन हर कोई अपने दोस्तों के साथ एंजॉय करता है, इस साल भारत में 3 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जा रहा है।व्यक्ति के जीवन में दोस्त जरूर होते हैं। अगर न हों तो एक दोस्त जरूर बनाना चाहिए। दोस्ती कभी भी हो सकती हैं, उसमें उम्र, लिंग या किसी अन्य तरीके का कोई भेद नहीं होता। दोस्त आपका ऐसा समर्थक होता है जो हमारी तरक्की के लिए अच्छी सलाह देता है और हमारी खुशी में खुश होता है। ऐसे में हमारे जीवन को सरल, सुलझा हुआ और अधिक मनोरंजक बनाने के लिए दोस्ती दिवस मनाते हैं और इस मौके पर दोस्त को खास महसूस कराते हैं।दोस्ती जीवन के सबसे अनमोल बंधनों में से एक है।यह रिश्ता खून का न होते हुए भी बढ़-चढ़कर साथ निभाता है।सात अक्षरों का शब्द फ्रैंड्स बेशक बहुत सरल हो, लेकिन जब हम किसी परेशानी में होते हैं तो दोस्त हमारे साथ होते हैं। वैसे तो दोस्ती को सेलिब्रेट करने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं है,फिर भी इस दिन को और खास बनाने के लिए हर साल फ्रेंडशिप-डे मनाया जाता है।यह दिन दोस्तों के महत्व और हमारे जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी सम्मान और मान्यता देता है। यह दिन प्रशंसा व्यक्त करने, रिश्तों को मजबूत करने और दोस्ती से मिलने वाली खुशी का जश्न मनाने का अवसर है। इस दिन,लोग आम तौर पर उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं, संदेश भेजते हैं और एक साथ समय बिताते हैं, ये सभी मजबूत और सहायक दोस्ती के महत्व को मजबूत करने में मदद करते हैं।
