राव समाज के पुष्कर गऊघाट पर स्थित मदन मोहन मंदिर का है मामला
अजमेर। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या पांच शालिनी गोयल ने गऊघाट स्थित राव समाज के मदन मोहन मंदिर पुष्कर के पुजारी हरिप्रसाद को आदेश दिया है कि वह मंदिर का कब्जा खाली कर वादी (मंदिर समिति) को सौंपे। पुजारी ने मंदिर की सम्पत्ति नगर निगम रिकॉर्ड में अपने नाम दर्ज करवा लेने पर समिति ने अदालत में यह वाद पेश किया था। मंदिर समिति के वकील विनोद माथुर, ललित वर्मा व जी.एल. चटारिया ने मदन मोहन मंदिर गऊ घाट पुष्कर की मंदिर समिति की ओर से पुजारी हरिप्रसाद के विरुद्ध कब्जा खाली करने का वाद पेश किया था। उन्होंने बताया कि पृथ्वीराज चौहान के शासन में पुष्कर के गऊघाट में मदन मोहन मंदिर की स्थापना हुई थी जिसका संचालन व देखरेख राव समाज के लोग करते थे। बाद में उन्होंने मंदिर संचालन के लिए एक समिति (ट्रस्ट) बना ली थी। वर्ष 8 फरवरी 32 को राव समाज ने उनके निदेशन में मंदिर की सेवा पूजा करने के लिए मथुरादास को पुजारी नियुक्त किया था। इसके बाद पुजारी के रूप में यह कार्य हरिप्रसाद करने लगे। उन्होंने नगर पालिका पुष्कर के रिकॉर्ड में मंदिर की सम्पत्ति को अपने नाम दर्ज करवा लिया था। इस बात की सूचना होने पर मंदिर समिति ने पुजारी हरिप्रसाद की सेवा समाप्त कर कब्जा खाली करने का दावा पेश किया था।
वकील विनोद माथुर, जी.एल. चटारिया व ललित वर्मा के अनुसार शनिवार को अदालत ने मंदिर समिति के पक्ष में आदेश कर प्रतिवादी पुजारी हरिप्रसाद को मंदिर का कब्जा खाली कर वादीगण को सुपुर्द करने का आदेश दिया है।
राव समाज में हर्ष का रहा माहौल दिन भर सोशल मीडिया पर बधाई का लगा रहा सिलसिला

अपर सेशन न्यायाधीश संख्या पांच शालिनी गोयल ने गऊघाट स्थित राव समाज के मदन मोहन मंदिर पुष्कर के पुजारी हरिप्रसाद को आदेश दिया है कि वह मंदिर का कब्जा खाली कर वादी (मंदिर समिति) को सौंपे। जब इस बात की जानकारी राव समाज के जातिबंधुओं को लगी तो लगी तो पूरे प्रदेश से राव समाज के लोग अजमेर आकर संघर्ष समिति के किशन सिंह राव को बधाई दी साथ ही दिन भर सोशल मीडिया पर भी बधाई का सिलसिला जारी रहा।

