बायतु, अशोक धतरवाल
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) की बायतु उपशाखा के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपखंड अधिकारी बायतु को शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं —
शिक्षा विभाग में सभी संवर्गों के स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाकर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ी समस्त प्रक्रियाएं शीघ्र समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं, तथा न्यायालय में लंबित तृतीय वेतन श्रृंखला के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
राज्य के सभी विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, तथा शैक्षणिक कार्यों से इतर कार्यों में लिप्त नहीं रहने पर उन पर कोई कार्यवाही न हो।
छठे एवं सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं के समाधान हेतु शीघ्र ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है, तो संघ को आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विवश होना पड़ेगा।
इस अवसर पर बायतु ब्लॉक अध्यक्ष रिडमल राम जानी, महामंत्री घमु साईं, सुरेश कुमार शर्मा, गिड़ा महामंत्री नरपतराम जांगिड़, हरीश सेंवर, खेताराम जांगिड़, गिरधारी राम सैन, पोलाराम सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
