किसी जननेता या अधिकारी को नहीं मिला समय शुरू करवा सके यह सुविधा।
सोजत – एक तरफ तो राजस्थान सरकार बेज़ुबान पशुओं के लिए कई योजना निकाल रही जानवरो को कोई परेशानी नहीं हो वही दूसरी तरफ सोजत के पशु चिकित्सालय की कोई सुध लेना वाला नहीं है ना तो सरकारी समय के बाद पशुओं का उपचार होता ना ही पशुओं को भर्ती करने की कोई सुविधा है जबकी शहर के पशु चिकित्सालय में भामाशाओ की तरफ से एनिमल वार्ड का निर्माण करवाया गया लेकिन कई साल से यह कमरे धूल फाक रहे हैं।
शहर में पशु सेवकों को गली -गली जाकर करना पड़ता घायल पशु का इलाज – सोजत शहर में घायल पशुओं का इलाज करने के लिए पशु सेवकों को गली गली जाकर बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है एक निश्चित स्थान मिल जाए तो रोजाना उपचार हो सके।
अस्पताल परिसर में एनिमल वार्डो का भामाशाह के सहयोग से हो चुका निर्माण फिर भी पड़े बंद – सोजत पशु चिकित्सालय में भामाशाहों के सहयोग से पशुओं को भर्ती करने के लिए वार्डों का निर्माण कई वर्ष पूर्व करवाया जा चुका है लेकिन सोजत अस्पताल में ईनडोर की सुविधा नहीं होने के कारण इन कमरों पर ताला लटक रहा है।
पशुसेवकों ने सरकार और भामाशाह से बेजुबान पशुओं के लिए भर्ती के लिए रूम खुलवाने की माँग – दिनेश टाक और उनकी टीम जब घायल जानवर को लेकर पशु चिकित्सालय में गई तो वहा यह सुविधा नहीं होने की वजह से भर्ती नहीं किया जा सकता मौके पर पार्षद जोगेश कुमार जोशी भी पहुंचे संबंधित अधिकारियों से वार्ता करके कमरे खुलवाने का आग्रह किया। दिनेश टाक ने सरकार और भामाशाह से मांग की बेजुबान पशुओं के लिए इन कमरों को खोला जाये ताकि इनका उपचार हो सके।

