- सामान्य ऋण एवं इमरजेंसी ऋण की सीमा को 4 लाख करने का प्रस्ताव व आमसभा टी ए 300 से बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव
- – 4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ, 2.56 के लाभ में से अंशधारकों को 4 प्रतिशत की दर से लाभांश वितरण प्रस्तावित
बारां, 2 अक्टूबर। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा लि.-696 आर, कोटा-बारां द्वारा शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था कार्यकारिणी ने आगामी वार्षिक अधिवेशन की रूपरेखा, संस्था की ऐतिहासिक उपलब्धियों, वित्तीय प्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। संस्था संचालक मंडल अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष महेन्द्र नागर, मंत्री जमना लाल गुर्जर एवं संचालकगण गायत्री मीना, बारां प्रबंध संचालक अनुराधा शर्मा, पूनम गौतम, कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीना, धर्मेंद्र कुमार मेघवाल, दिनेश कुमार नागर एवं महावीर प्रसाद मीना ने संस्था की प्रगति की जानकारी दी।
संस्था के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था का वार्षिक अधिवेशन रविवार को होटल द्वारिका, नेशनल हाईवे कोटा रोड, बारां में आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, किशनगंज विधायक ललित मीणा, बारां विधायक राधेश्याम बैरवा, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता एवं राधाकृष्ण शिक्षा सहकारी बारां के अध्यक्ष बृजगोविन्द टेलर शिरकत करेंगे।
जायसवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्था ने 4,34,04,609 का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। आवश्यक प्रावधान करने के उपरांत शेष बचे 2,56,08,719 के लाभ में से अंशधारकों को 4 प्रतिशत की दर से लाभांश वितरण प्रस्तावित किया गया है। संस्था लगातार 3 वर्षों का अंकेक्षण करवाकर 4 प्रतिशत दर से लाभांश वितरित कर रही है। व्यावसायिक प्रगति के साथ-साथ संस्था कई सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी रही है, जिनमें वन्य एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, रक्तदान महादान, सड़क सुरक्षा, बाल विवाह उन्मूलन, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा विद्यालय प्रवेशोत्सव सहयोग अभियान प्रमुख हैं।
रिकवरी और वित्तीय अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई
उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि 23 फरवरी 2023 को नवनिर्वाचित कार्यकारिणी द्वारा कार्यभार ग्रहण करते ही नए सदस्यों को सदस्यता देने का कार्य प्रारंभ किया गया। कार्यग्रहण के समय संस्था को 1374 सदस्य एवं 21 करोड़ की डिफ़ॉल्ट राशि विरासत में मिली थी। कार्यकारिणी के अथक प्रयासों से वसूली कार्रवाई संपादित की गई। जिसके परिणामस्वरूप अब केवल लगभग 97 डिफ़ॉल्टर सदस्य ही शेष बचे हैं। इनसे वसूली सुनिश्चित करने हेतु संस्था स्तर, उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा एवं माननीय न्यायालय के माध्यम से सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है।
अनुचित दोहन करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख
मंत्री जमना लाल गुर्जर ने कहा की हमने पूर्व में संस्था के कोष का अनुचित दोहन करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व अध्यक्ष एवं उनके सहयोगियों द्वारा किए गए 4,56,646 तथा निजी हितों के लिए किए गए 2,70,000 के वित्तीय घोटाले की प्राथमिकी दर्ज करवाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, तीन संतान होने के तथ्यों को छुपाकर संचालक मंडल में बने रहने वाले सदस्य को बर्खास्त कराया गया है। माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश के निष्प्रभावी होते ही अग्रिम त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
5 करोड़ की अतिरिक्त सावधि जमा करवाकर फंड में की उल्लेखनीय वृद्धि
पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रकाश जायसवाल ने बताया कि वर्तमान कार्यकाल के दौरान संस्था ने 5 करोड़ की अतिरिक्त सावधि जमा करवाकर सावधि जमा फंड में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके साथ ही सदस्यों के लिए ऋण राशि की सीमा बढ़ाई गई है। सामान्य ऋण 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए, इमरजेंसी ऋण 1.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए, वाहन ऋण 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए किया गया है।आगामी समय में सामान्य ऋण एवं इमरजेंसी ऋण की सीमा को 4-4 लाख करने की योजना है। साथ ही आम सभा में भाग लेने आने वाले सदस्यों को टी ए के रूप में 300 रुपये देने का प्रावधान है संचालक मंडल इसे बढाकर 500 रुपये करना चाहेगा यदि आमसभा से स्वीकृति मिली तो अगली आमसभा में बढ़ी दर से टी ए देय होगा , फिलहाल 300 रुपये ही देय होंगे. सदस्यों की सुविधा हेतु पूर्व में जारी गुरुवार के साप्ताहिक अवकाश को समाप्त कर रविवार का अवकाश लागू किया गया है। रविवार को भी कार्यालय सुबह 11 बजे से 4 बजे तक खुला रखकर राशि जमा कराने की सुविधा दी जा रही है। साथ ही राशि जमा करने के लिए ऑनलाइन लिंक एवं फत् कोड सुविधा भी प्रारंभ की गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संस्था का उद्देश्य’
शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां की स्थापना आजादी से पूर्व वर्ष 1943 में स्व.घांसीलाल (व्यवस्थापक) द्वारा की गई थी। संस्था स्थापना काल से ही निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। राजस्थान में यह एकमात्र ऐसी सहकारी संस्था है जो अपने सदस्यों को मात्र 50 पैसे मासिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी पारिवारिक एवं सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही है। वर्तमान में संस्था के कुल सदस्यों की संख्या 6500 है।
