जवाली ईटन्दरा मेड़तिया। श्री मारवाड़ मेघवाल सेवा संस्थान रानी में संस्थान के पूर्व अध्यक्ष पुखजी बा वागोणा की धर्मपत्नी स्वर्गीय गंगादेवी की स्मृति पुण्यतिथि (मुकोण) के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के समस्त पदाधिकारी, सदस्य एवं समाज के गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार को सांत्वना प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान पुखजी बा वागोणा द्वारा संस्थान को 5100 रुपये भेंट करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर संस्थान के भामाशाह मान्यवर हंसराज, वेलजी, संपतराज, पारस एवं प्रकाश जोया निवासी भींवालिया तहसील मारवाड़ जंक्शन ने अपने पूज्य माता स्वर्गीय खींमणी बाई एवं पिता स्वर्गीय ताराचंद जी जोया की पुण्य स्मृति में संस्थान परिसर में निर्माणाधीन कमरे हेतु 5,00,151 रुपये (पांच लाख एक सौ एक्यावन रुपये) की प्रेरणादायी राशि संस्थान को समर्पित की। यह राशि प्रेरणास्पद संत श्री चेतनदास जी पीर रघुनाथ पीर ढालोप धूनी, पूर्व अध्यक्ष मदनलाल जी बोस, वर्तमान अध्यक्ष मुन्नालाल जी मेन्सन, कोषाध्यक्ष मघाराम जी सोनल, अनसी बाई ट्रस्ट नाडोल अध्यक्ष सूरज गहलोत, मेघवाल विकास संस्थान सोमेसर अध्यक्ष धन्नाराम, हंसाराम बुधीवारा, मोहनलाल जी, शिवलाल सेजू सापुनी, कुकाराम आइसिया, चुनीलाल, मानाराम जी निम्बाड़ा, मना राम जी राणावत प्रतापगढ़, ढलाराम एवं वनाराम भाटी इंदरवाड़ा सहित अनेक गणमान्य लोगों के सानिध्य में संस्थान अध्यक्ष दीपाराम जी बागरेचा को भेंट की गई। कार्यक्रम में संस्थान के संरक्षक खीमाराम परमार, हंसाराम हटेला, पूर्व अध्यक्षगण एवं संस्थान पदाधिकारी मनाराम जी परमार, लच्छाराम जी परिहार, एक्सईएन खुमाराम हटेला, पुनाराम, वोराराम जी जोया, अशोक कडेला, ताराचंद जी मकवाना, ताराचंद भादरू, रमेश सी. राणावत, नारायण लाल परिहार, नारायण लाल हटेला पिलोवनी सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
संस्थान अध्यक्ष दीपाराम जी ने भामाशाह परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजहित में दिया गया यह सहयोग प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से संस्थान परिसर में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण हेतु पधारकर अपने सुझाव देने का आग्रह किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
अंत में अध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी ने कार्यक्रम में पधारे सभी समाजबंधुओं एवं सहयोगकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।
