5195 सदस्यों का मजबूत वटवृक्ष , 227.74 करोड़ की कार्यशील पूंजी और 183.69 करोड़ की अमानतें; 251 वरिष्ठ सदस्यों का होगा सम्मान
कोटा। सहकारिता के विश्वास, पारस्परिक सहयोग और आर्थिक आत्मनिर्भरता की 106 वर्ष लंबी यात्रा का कोटा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। कोटा कर्मचारी सहकारी समिति लिमिटेड संख्या 108 आर, कोटा की वार्षिक साधारण सभा का 106वां अधिवेशन 11 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे यूआईटी ऑडिटोरियम, रंगबाड़ी रोड, बालाजी नगर में आयोजित होगा। 106 वर्ष की इस यात्रा को विशेष बनाने के लिए भव्य सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें समिति के 251 नियमित वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर सहकार नेता नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, अध्यक्ष डाॅ. मीनू बिरला, उपाध्यक्ष रासबिहारी पारीक, सचिव विमल चंद जैन,उप सचिव दिनेश पनवाड़, महिला संचालक हंसा त्यागी, निदेशक सूर्यकान्त शर्मा, कर्ण सिंह हाडा,डाॅ0 विनोद पंकज, मुकुट बिहारी, ओमप्रकाश शर्मा,कार्यकारी प्रबंधक रामचरण धूत ने पुस्तिका का विमोचन किया।
सचिव विमल जैन ने बताया कि समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओमकृष्ण बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक समारोह की अध्यक्षता करेंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा,लाडपुरा विधायक कल्पना देवी,कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेशकृष्ण बिरला, कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला,कोटा नगर निगम की महापौर अनुसूईया गोस्वामी, उप महापौर विवेक राजवंशी श्री हितकारी विद्यालय शिक्षा सहकारी समिति की अध्यक्ष सूरज बिरला तथा महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष मंजू बिरला सहित अनेक विशिष्ट अतिथि समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।
106 वर्षों की नींव, विश्वास से बना विशाल वटवृक्ष
सहकार नेता राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि समिति के इतिहास में पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वर्ष 1960 से 2020 तक संचालक मंडल सदस्य, सचिव और अध्यक्ष के रूप में उन्होंने समिति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में समिति भवन का निर्माण, बचत खाता, निरंतर बचत खाता एवं स्थायी जमा खाता जैसी बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत तथा समिति का कंप्यूटरीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए। उनके कार्यकाल में 330 सदस्यों वाली समिति आज 5195 सदस्यों के मजबूत परिवार के रूप में विकसित हुई है।
सरस्वती वंदना से होगा शुभारंभ
उपाध्यक्ष रासबिहारी पारीक ने बताया कि समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना और ध्वजारोहण से होगा। बालिकाओं द्वारा सहकार एवं स्वागत गान की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद सचिव विमलचंद जैन समिति की कार्यप्रगति का विवरण प्रस्तुत करेंगे। अतिथियों के संबोधन के पश्चात 251 वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया जाएगा। अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला के आभार प्रदर्शन के साथ सम्मान समारोह का प्रथम सत्र संपन्न होगा।
आमसभा में होंगे महत्वपूर्ण फैसले
सचिव विमल जैन ने बताया कि सम्मान समारोह के बाद साधारण सभा के दूसरे सत्र में समिति के आगामी कार्यों और वित्तीय दिशा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंथन होगा। वर्ष 2025-26 में समिति को 1.64 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ हुआ है। निदेशक मंडल ने सदस्यों को भाग हिस्से पर 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है। समय पर ऋण चुकाने वाले सदस्यों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
इसमें 29 सितंबर 2025 को आयोजित पिछली वार्षिक सभा की कार्यवाही की पुष्टि, वार्षिक प्रतिवेदन का अनुमोदन, वर्ष 2025-26 के वास्तविक लेखा विवरण तथा वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर विचार किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए अंकेक्षक की नियुक्ति, पारिश्रमिक निर्धारण और अंकेक्षण प्रतिवेदन के अनुमोदन के साथ लाभ वितरण से जुड़े प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।
5195 सदस्यों का मजबूत परिवार
अध्यक्ष मीनू बिरला ने बताया कि 106 वर्षों में समिति ने सदस्य संख्या और वित्तीय क्षमता के स्तर पर उल्लेखनीय विस्तार किया है। मार्च 2026 के अंत तक समिति के सदस्यों की संख्या 5195 हो चुकी है। समिति की कार्यशील पूंजी 227.74 करोड़ रुपये, कोष 10.12 करोड़ रुपये, जमा हिस्सा 7.67 करोड़ रुपये तथा जमा अमानतें 183.69 करोड़ रुपये हैं। वर्ष 2025-26 में 24.15 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जबकि 31 मार्च 2026 तक बकाया ऋण 55.70 करोड़ रुपये रहा।
युवा सदस्यों को जोड़ने पर जोर
अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने समिति की भविष्य की दिशा में युवा सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने सेवारत सदस्यों से अपने विभाग के अन्य कर्मचारियों को समिति से जोड़ने का आह्वान किया, ताकि नई पीढ़ी के विचारों, सुझावों और ऊर्जा का लाभ समिति को मिल सके। 106 वर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सदस्य सहभागिता को समिति की सबसे बड़ी ताकत माना गया है।
समिति का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। कम ब्याज पर आवश्यकता के समय ऋण उपलब्ध कराने, उच्च शिक्षा के लिए व्यक्तिगत ऋण सुविधा, सदस्यों में पारस्परिक सहयोग और सद्भाव विकसित करने तथा मितव्ययिता की भावना को बढ़ावा देने के माध्यम से समिति सहकारिता के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ा रही है
