ई-वेस्ट का जिम्मेदार निस्तारण पर्यावरण संरक्षण की अनिवार्य शर्त : ममता आठोदिया
कोटा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल केशवपुरा में बुधवार को यूथ एवं इको क्लब के तत्वावधान में ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रहण और निस्तारण पर संगोष्ठी एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। वक्ताओं ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों से आगाह करते हुए विद्यार्थियों को इसके जिम्मेदार निस्तारण के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन यूथ एवं इको क्लब प्रभारी प्रकाश जायसवाल ने किया।
मुख्य वक्ता ममता आठोदिया ने कहा कि पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैटरी, चार्जर और टेलीविजन जैसे अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं। इनका अनुचित निस्तारण मिट्टी, जल और वायु को प्रदूषित करने के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ई-वेस्ट को सामान्य कचरे में न डालने तथा अधिकृत संग्रहण केंद्रों और पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुंचाने की अपील की। उपकरणों की मरम्मत, पुनः उपयोग और वैज्ञानिक पुनर्चक्रण से पर्यावरणीय नुकसान कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य नीलम त्रिपाठी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी ई-वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए प्रेरित करना चाहिए।
संगोष्ठी के बाद ई-वेस्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। अंत में उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के संदेश को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
