सलुंबर मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के विरोध में आज सलुंबर नगर का सकल जैन समाज आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आया। जैन संतों की सुरक्षा और घटना की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने नगर में एक विशाल मौन रैली निकाली। रैली के बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री व महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया
श्रमण भवन से शुरू हुई रैली, हाथों में तख्तियां थामे दिखे श्रद्धालु
सोमवार सुबह नगर के सकल जैन समाज भवन (श्रमण भवन) पर समाज के लोग एकत्रित हुए। यहाँ से एक मौन जुलूस की शुरुआत हुई। रैली में शामिल पुरुष और महिलाएं हाथों में तख्तियां थामे हुए थे, जिन पर साध्वियों को न्याय दिलाने और पद विहार के दौरान जैन संतों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांगें लिखी हुई थीं। यह मौन रैली श्रमण भवन से रवाना होकर बाजार के मुख्य मार्गों, नागदा बाजार, होली चौक, सर्राफा बाजार, बोरवाड़ी, गांधी चौक, तुलसी मार्ग और जिला बस स्टैंड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची।
दुर्घटना नहीं, सुनियोजित कृत्य की आशंका: तीर्थ रक्षा कमेटी
तीर्थ रक्षा कमेटी के सचिव जय प्रकाश शाह ने बताया कि गत 20 मई को मध्य प्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन के सामने राष्ट्र संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी एक सड़क हादसे में असामयिक काल का ग्रास बन गईं।
शाह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को देखने से यह कोई सामान्य दुर्घटना प्रतीत नहीं होती, बल्कि ऐसा लगता है कि किसी सुनियोजित कृत्य को अंजाम दिया गया है। इन वीडियो और तथ्यों के सामने आने के बाद से पूरे देश के जैन समाज में गहरी आशंका, रोष और चिंता का माहौल है।
“अहिंसक और निहत्थे संतों पर ऐसा प्रहार बर्दाश्त नहीं”
श्रमण भवन में एकत्रित समुदाय को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ प्रबुद्धजन प्रभुलाल जैन ने कहा कि जैन साधु-साध्वियां पूरी तरह निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी भी प्रकार की सुरक्षा या आधुनिक सुख-सुविधा का उपयोग नहीं करते और हमेशा समाज को शांति, संयम व अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ इस प्रकार की वीभत्स घटना होना बेहद निंदनीय है। जैन समाज प्रशासन से मांग करता है कि दोषी कार चालक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और भविष्य में संतों के पद विहार के समय पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
तहसील कार्यालय में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के दौरान सकल जैन समाज के अग्रणी सेठ लक्ष्मीलाल ढालावत, रमेश कुमार कुनिया, अभय कुमार गांधी, महेंद्र रूपावत, भंवरलाल कंठालिया, देवेंद्र दोषी उपस्थित रहे।
साथ ही तीर्थ रक्षा कमेटी के अध्यक्ष नरेश दोषी, कोषाध्यक्ष मणिलाल मालवी, मुनि संघ के सुशील मिंडा, महावीर दोषी, गजेंद्र दोषी, विनोद तातेड़, धीरजमल भूता, प्रद्युम्न कोडिया, महिपाल खेतावत, भूपेश गांधी, कांतिलाल वक्तावत, शैलेंद्र सालगिया, प्रियदर्शी गांधी, झुम्मकलाल दोषी, मनोहर सिंघवी, मुकेश तोरावत, बदामीलाल सिंघवी, नरेंद्र कोठारी, नरेश मालवी, कमलेश सिंघवी, सोहनलाल नोली, देवेंद्र भीमावत, दिनेश मालवी सहित महिला विंग से कमला गांधी, चेतना शाह, अर्चना, दीपिका सालगिया, उषा, सुनीता सिंघवी, राजकुमारी कोठारी सहित सैकड़ों की तादाद में जैन धर्मावलंबियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
