राज्य की 4% और केंद्र की 3% ब्याज अनुदान राशि बकाया, 4500पैक्स के पैक्स कर्मियों के घरों में अंधेरा
जयपुर। ऑल राजस्थान कोआपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन के प्रान्तीय महासचिव एवं सहकारी साख समितियाँ एम्प्लाइज यूनियन के प्रान्तीय अध्यक्ष,सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि अल्पकालीन सहकारी साख आंदोलन में किसानों के फसली ऋण वितरण, वसूली तथा राज्य-केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को गांव की चौपाल से किसान के खलिहान तक लागू करने वाले ग्राम सेवा सहकारी समिति (पैक्स) के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समैन आज वेतन के अभाव में सबसे बड़ी पीड़ा झेल रहे हैं।
ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लॉईज यूनियन के प्रांतीय महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि त्रि-स्तरीय ढांचे में ऊपर के सभी कार्मिक वेतन-बोनस के साथ दिवाली मनाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पैक्स के कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है।
आमेरा ने बताया कि पैक्स कर्मियों के वेतन का मुख्य आधार राज्य सरकार की 4 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 3 प्रतिशत ऋण वितरण अनुदान राशि है, जो लंबे समय से बकाया है। इसी अनुदान से ही पैक्स कर्मियों को कमोबेश वेतन मिल पाता है। अनुदान बकाया होने से पैक्स आर्थिक संकट में हैं।
यूनियन ने मुख्य मंत्री, सहकारिता मंत्री राज्य सरकार, सहकारिता विभाग एवं राज्य सहकारी बैंक को पत्र लिखकर मांग की है कि दीपावली पर्व को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पैक्स कर्मियों के वेतन भुगतान की तत्काल व्यवस्था के लिए आदेश जारी किए जाएं, ताकि उन हजारों पैक्स कर्मियों के घरों में भी दिवाली का दिया जल सके।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी किसान की खुशहाली के लिए दिन-रात लगा है, उसके घर में दिवाली पर अंधेरा रहे, यह सहकारिता के सिद्धांतों के खिलाफ है। सरकार तत्काल प्रभाव से अनुदान राशि जारी करे।
