राम-लखन की भव्य शोभायात्रा निकली, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए
कोटा। आरके पुरम-ए स्थित श्री महर्षि गौतम रामलीला पार्क से मंगलवार को रामलीला आयोजन समिति की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। समिति अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और महामंत्री गिरिराज गौतम ने बताया कि सेक्टर-ए से होते हुए श्रीनाथपुरम पहुंची शोभायात्रा रावण चौक पर संपन्न हुई। सुसज्जित बग्घियों में सवार राम-लखन और रामसेना की झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। बैंड-बाजों, डीजे की धुनों और रामभजनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़े। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि करावण चौक पर रावण दहन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। 65 फीट ऊंचे रावण और 50-50 फीट के कुंभकरण व मेघनाथ के पुतलों का भव्य आतिशबाजी के बीच दहन किया गया। पुतलों में आग लगते ही आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। आतिशबाजी की गूंज और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। पुतलों को धू-धूकर जलते देख दर्शकों ने उत्साह व्यक्त किया। रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर मर्यादा की विजय का संदेश गूंज उठा।
मुख्य संयोजक बालचंद फौजी ने बताया कि कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा और रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला एवं स्टेट सेक्रेट्ररी जगदीश जिंदल अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में पार्षद पुरुषोत्तम यादव और शंकर सिंह भी मौजूद रहे।राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि रामकथा के भाव *“यतो धर्मस्ततो जयः”*जहां धर्म है, वहीं विजय है। यहीं दशहरे का पर्व हमे सिखाता है वहीं विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि अहंकार के अंत, सदाचार की विजय और आदर्श समाज की स्थापना ही रामायण का संदेश है।
मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि रावण दहन के बाद रावण चौक पर बजरंग रामलीला लोक कला मंडल, नागौर के कलाकारों ने रावण वध और रामराज्याभिषेक का सजीव मंचन किया। कलाकारों ने सशक्त संवादों, पारंपरिक अभिनय और धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम की विजय से लेकर अयोध्या में उनके राज्याभिषेक तक की कथा प्रस्तुत की।
रावण वध के प्रसंग में श्रीराम के बाण से रावण के अंत का दृश्य प्रस्तुत होते ही जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे। इसके बाद अयोध्या लौटे श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन हुआ। इस प्रसंग ने त्याग, मर्यादा, न्याय और लोककल्याण पर आधारित रामराज्य की कल्पना को साकार किया।
समिति अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और महामंत्री गिरिराज गौतम ने आयोजन की जानकारी दी। मुख्य संयोजक बालचंद फौजी के निर्देशन में कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर संयोजक चंद्र प्रकाश माहेश्वरी, सत्य प्रकाश शर्मा, सीताराम शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, रोहित गौतम, खेमराज शर्मा, राजेंद्र सिंह सोलंकी, रश्मि गौतम, इंदिरा, अनन्या और राधा शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
