Rajasthan Darshan PatrikaRajasthan Darshan Patrika
  • होम
  • ताजा खबर
  • संपादकीय
  • E Paper
  • Contact Us
  • About Us
  • वरिष्ठ नागरिक परिषद मालवीय नगर में वाचनालय का शुभारंभ, अब समाचार पत्रों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों से जुड़ेंगे वरिष्ठजन
  • आकाश ने लॉन्च किया ‘इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’
  • चुनाव आयोग के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका
  • नेत्र हैं, तो जहान है: विश्व दृष्टि दिवस पर आँखों की देखभाल और नेत्रदान का संदेश
  • इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध मौत, लाठीचार्ज की निंदा
Font ResizerAa
Rajasthan Darshan PatrikaRajasthan Darshan Patrika
Font ResizerAa
  • होम
  • ताजा खबर
  • संपादकीय
  • E Paper
  • Contact Us
  • About Us
  • वरिष्ठ नागरिक परिषद मालवीय नगर में वाचनालय का शुभारंभ, अब समाचार पत्रों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों से जुड़ेंगे वरिष्ठजन
  • आकाश ने लॉन्च किया ‘इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’
  • चुनाव आयोग के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका
  • नेत्र हैं, तो जहान है: विश्व दृष्टि दिवस पर आँखों की देखभाल और नेत्रदान का संदेश
  • इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध मौत, लाठीचार्ज की निंदा
Search
  • होम
  • ताजा खबर
  • संपादकीय
  • E Paper
  • Contact Us
  • About Us
  • वरिष्ठ नागरिक परिषद मालवीय नगर में वाचनालय का शुभारंभ, अब समाचार पत्रों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों से जुड़ेंगे वरिष्ठजन
  • आकाश ने लॉन्च किया ‘इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’
  • चुनाव आयोग के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका
  • नेत्र हैं, तो जहान है: विश्व दृष्टि दिवस पर आँखों की देखभाल और नेत्रदान का संदेश
  • इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध मौत, लाठीचार्ज की निंदा
Follow US
  • होम
  • ताजा खबर
  • संपादकीय
  • E Paper
  • Contact Us
  • About Us
  • वरिष्ठ नागरिक परिषद मालवीय नगर में वाचनालय का शुभारंभ, अब समाचार पत्रों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों से जुड़ेंगे वरिष्ठजन
  • आकाश ने लॉन्च किया ‘इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’
  • चुनाव आयोग के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका
  • नेत्र हैं, तो जहान है: विश्व दृष्टि दिवस पर आँखों की देखभाल और नेत्रदान का संदेश
  • इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध मौत, लाठीचार्ज की निंदा
Home » ताजा खबर » दो बार वापस लेना पड़ा ट्रांसफर ऑर्डर, साथी डॉक्टर कहते हैं ‘माफिया’… कौन है आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ संदीप घोष?
राज्य-शहर

दो बार वापस लेना पड़ा ट्रांसफर ऑर्डर, साथी डॉक्टर कहते हैं ‘माफिया’… कौन है आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ संदीप घोष?

Rajasthan Darshan
Last updated: 2024/08/19 at 8:54 AM
Rajasthan Darshan
Share
8 Min Read
SHARE

संदीप घोष के बारे में आरजी कर अस्पताल के प्रोफेसर और पूर्व उपाधीक्षक डॉ अख्तर अली ने कहा, ‘वह एक बहुत भ्रष्ट आदमी है. वह छात्रों को फेल करते थे, 20% कमीशन लेते थे. टेंडर के मामले में वह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के हर काम से पैसे वसूलते थे और गेस्ट हाउस में छात्रों को शराब सप्लाई करते थे. वह किसी माफिया की तरह है, बहुत पावरफुल.

डॉ. संदीप घोष, कोलकाता कांड के बाद सुर्खियों में आया ये नाम एक के बाद एक कई विवादों और कानूनी जांच से घिर चुका है. संदीप घोष आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल हैं. कोलकाता के ये वही अस्पताल है जहां काम करने वाली ट्रेनी डॉक्टर के साथ हैवानियत को अंजाम दिया गया. संदीप घोष का करियर भ्रष्टाचार, गैर कानून गतिविधियों और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों से घिरा रहा. अब उनका कार्यकाल सार्वजनिक और कानूनी जांच का केंद्र बिंदु बन गया है.संदीप घोष की पूरी प्रोफाइलकोलकाता से लगभग 80 किमी दूर स्थिति बनगांव में जन्मे और पले-बढ़े डॉ. घोष ने अपनी पढ़ाई 1989 में बनगांव हाई स्कूल से पूरी की. बाद में उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की शिक्षा हासिल की और 1994 में ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की. उनकी शुरुआती शिक्षा और व्यावसायिक यात्रा काफी अच्छी रही. हालांकि डॉ. घोष का बाद का करियर विवादों से भरा हुआ है.

बंगाल के एक अन्य अस्पताल से जुड़े एक प्रोफेसर ने ऑफ द रिकॉर्ड कहा, ‘घोष इस पोस्ट के इंटरव्यू के लिए प्रिंसिपलों की लिस्ट में 16वें स्थान पर थे. रातोंरात वह लिस्ट के टॉप पर पहुंच गए और 2021 में प्रिंसिपल बन गए.”पावर मिलने के बाद लोग बदल जाते हैं’डॉ. बिदिशा दत्ता, जो संदीप घोष की बैच मेट थीं, ने कहा, ‘वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व छात्र हैं. वह 1989 के बैच में थे और 1994 में पास आउट हुए. जब ​​हम कॉलेज में थे तब वह हमारा दोस्त नहीं था लेकिन हमने कभी उसे शरारती छात्र के रूप में नहीं देखा. लेकिन हो सकता है कि पावर मिलने के बाद वह बदल गया हो. पावर मिलने के बाद कई लोग बदल जाते हैं.’ डॉ. दत्ता ने कहा, ‘संदीप घोष को पहली बार नेशनल मेडिकल कॉलेज के एमएसवीपी के रूप में नियुक्त किया गया था.’

दो बार हुआ ट्रांसफर, दोनों बार वापस लेना पड़ा आदेशघोष के खिलाफ राज्य स्वास्थ्य विभाग को कई शिकायतें भेजी जा चुकी हैं. एक जांच भी बिठाई गई थी. नतीजा यह हुआ कि दो बार घोष का ट्रांसफर हुआ और दोनों बार वह ट्रांसफर ऑर्डर को पलटवाने में कामयाब रहे. कथित तौर पर, उनके छात्रों और इंटर्न्स के एक ग्रुप ने घोष के पक्ष में विरोध प्रदर्शन भी किया था.बेहद गंभीर आरोपआरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल रहने के दौरान घोष पर अक्सर गंभीर कदाचार के आरोप लगते रहे. आरोपों में वित्तीय भ्रष्टाचार से लेकर अवैध कमीशन और टेंडर हेरफेर जैसे विभिन्न माध्यमों से धन की उगाही से लेकर, पोस्टमार्टम के लिए रखी गई लाशों के गैर-कानूनी इस्तेमाल जैसे गंभीर मामले शामिल हैं.सूत्रों का कहना है कि, घोष पर धन उगाही से लेकर दवाओं की अवैध बिक्री और मानवाधिकार उल्लंघन जैसे कई भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं. कई बार कॉलेज के स्टाफ ने स्वास्थ्य विभाग को इसे लेकर पत्र लिखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.’वो किसी माफिया तरह की है’संदीप घोष के बारे में आरजी कर अस्पताल के प्रोफेसर और पूर्व उपाधीक्षक डॉ अख्तर अली ने कहा, ‘वह एक बहुत भ्रष्ट आदमी है. वह छात्रों को फेल करते थे, 20% कमीशन लेते थे. टेंडर के मामले में वह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के हर काम से पैसे वसूलते थे और गेस्ट हाउस में छात्रों को शराब सप्लाई करते थे. वह किसी माफिया की तरह है, बहुत पावरफुल. मैंने उनके खिलाफ 2023 में शिकायत की थी लेकिन फिर उसके बाद मेरा ट्रांसफर कर दिया गया.’

डॉ. अख्तर अली ने कहा, ‘मैंने 2023 में उनके खिलाफ शिकायत की थी… उनका इस्तीफा [रेप और हत्या के बाद] एक दिखावा था. 8 घंटे के भीतर उन्हें कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बना दिया गया था.’सामने आया भ्रष्टाचार का पूरा पैटर्नट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई रेप और मर्डर की घटना से मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों में बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया, जिसके कारण घोष के इस्तीफे की मांग उठी. इस घटना ने कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के एक पैटर्न को उजागर किया है, जिसमें पूर्व सहयोगियों और कर्मचारियों ने घोष पर संस्थान के भीतर ‘माफिया जैसा’ ऑपरेशन चलाने का आरोप लगाया.13 घंटे तक सीबीआई ने किए सवाल-जवाबछात्रों को जानबूझकर फेल करने और संस्थागत संसाधनों के दुरुपयोग के दावों ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया है. आरजी कर मामले की जांच सीबीआई कर रही है. शनिवार को सीबीआई ने डॉ. घोष से करीब 13 घंटे तक पूछताछ की.घोष के कथित भ्रष्टाचार की गहराई और हर बार उन्हें कार्रवाई से बचाने वाले नेटवर्क ने संस्थान की प्रतिष्ठा पर एक गहरा धब्बा लगा दिया है. कानूनी जांच और लोगों का गुस्सा इन आरोपों की गंभीरता और मामले से निपटने में पारदर्शिता और न्याय की मांग को दिखाता है.

संदीप घोष से जुड़ी इस टाइमलाइन पर नजर डालिए2021-

आर्थोपेडिक प्रोफेसर डॉ. संदीप घोष को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त किया गया.31 मई, 2023- डॉ घोष को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर के रूप में ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया गया. हालांकि, घोष ने आदेश को पलटवा दिया

12 सितंबर, 2023- डॉ घोष को ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रोफेसर के रूप में एक बार फिर मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया गया. एक बार फिर घोष ने उस आदेश को पलटवा दिया.12 अगस्त, 2024- घोष को कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल के रूप में ट्रांसफर किया गया. लेकिन छात्रों के विरोध के कारण वह सीएनएमसी में चार्ज नहीं ले पाए. बाद में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को उन्हें छुट्टी पर भेजने का आदेश दिया. मामले में सीबीआई उनकी भूमिका की जांच कर रही है.

 

Rajasthan Darshan August 19, 2024 August 19, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सहकारी साख आंदोलन की रीढ़ पैक्स कर्मी बिना वेतन के, कैसे मनेगी दिवाली? – आमेरा
  • थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए आगे आए विद्यार्थी और शिक्षक, 34 यूनिट रक्तदान
  • ‘शी लीड्स’ से महिला उद्यमिता को मिली नई दिशा, कारोबार विस्तार पर जोर
  • कोटा के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. यशवंत राय चौरासिया को ‘क्लिनिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड’
  • कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार लि0, कोटा

Recent Comments

No comments to show.

You Might Also Like

राज्य-शहर

सहकारी साख आंदोलन की रीढ़ पैक्स कर्मी बिना वेतन के, कैसे मनेगी दिवाली? – आमेरा

November 3, 2026
राज्य-शहर

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए आगे आए विद्यार्थी और शिक्षक, 34 यूनिट रक्तदान

November 2, 2026
राज्य-शहर

‘शी लीड्स’ से महिला उद्यमिता को मिली नई दिशा, कारोबार विस्तार पर जोर

November 2, 2026
राज्य-शहर

कोटा के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. यशवंत राय चौरासिया को ‘क्लिनिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड’

November 2, 2026