19 चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल बरामद, OLX पर बेचते थे फोन; मेवात में साइबर ठगी के लिए भेजने का खुलासा
जयपुर। जयपुर पश्चिम की सिंधी कैंप थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी और स्नैचिंग के कुल 19 मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार और दो अन्य मोबाइल बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के मोबाइल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर बेचने के साथ ही मेवात, हरियाणा में साइबर ठगी करने वालों तक भी पहुंचाते थे।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण IPS ने बताया कि शहर में मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त सदर दरजाराम के सुपरविजन में सिंधी कैंप थानाधिकारी वंदना नरूला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार, 4 नवंबर 2025 को सिंधी कैंप क्षेत्र में एक व्यक्ति का सैमसंग S24 अल्ट्रा मोबाइल चोरी हुआ था। तकनीकी अनुसंधान के दौरान पता चला कि चोरी का मोबाइल OLX पर बेचा गया है। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर जांच आगे बढ़ाई और गिरोह की पहचान कर मोईन उर्फ शाहरुख, मोहम्मद अनस और हसीब को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना मोईन उर्फ शाहरुख नशा करने वाले युवकों को साथ लेकर जयपुर सहित दौसा और करौली में मोबाइल चोरी व स्नैचिंग की वारदातें करवाता था। इसके बाद चोरी के मोबाइल मोहम्मद अनस और हसीब मेव को 3 से 5 हजार रुपये में बेच दिए जाते थे। आरोपी अच्छी स्थिति वाले मोबाइल के फर्जी बिल बनाकर OLX पर भी बेचते थे।
पुलिस के मुताबिक, हसीब मेवात में संपर्कों के जरिए मोबाइल साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचाता था। आरोपी एक बार में 20 से 25 मोबाइल इकट्ठे होने पर उन्हें मेवात भेजते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 150 से 200 मोबाइल चोरी और स्नैचिंग कर मेवात, हरियाणा भेजने की बात स्वीकार की है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मोबाइल चोरी की बाकी वारदातों के संबंध में जांच कर रही है।
बरामद मोबाइलों में सिंधी कैंप, सदर, शिप्रापथ, ट्रांसपोर्ट नगर, आदर्श नगर, रामगंज, गलता गेट और तूंगा सहित दौसा व करौली के क्षेत्रों में हुई वारदातों से जुड़े फोन शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
